Monday, February 4, 2008

कोहबर लीखली कौसल्या रानी

बड़ा रे जतन सैं हे

एक ओरी लिखली सासु हे अलरी-झलरी

एक ओरी सोहाग लिखली हे

मुहँमा उघारी सुहवे के देखियन

कौने कौने अभरन हे

हाँथ कंगन सासु हे बाबा देलन

सिकरी मोहे के भैया देलन हे

सिर के सिन्दूर प्राभोजी अहैं देलि

ईहो तिनों अभरन हे


-प्रस्तुति- नीतु सिंह्

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