कोहबर लीखली कौसल्या रानी
बड़ा रे जतन सैं हे
एक ओरी लिखली सासु हे अलरी-झलरी
एक ओरी सोहाग लिखली हे
मुहँमा उघारी सुहवे के देखियन
कौने –कौने अभरन हे
हाँथ कंगन सासु हे बाबा देलन
सिकरी मोहे के भैया देलन हे
सिर के सिन्दूर प्राभोजी अहैं देलि
ईहो तिनों अभरन हे
-प्रस्तुति- नीतु सिंह्

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