Monday, February 4, 2008

लड़का के शादी का गीत

नीले-नीले गइया के नीले रंग बछेरवा हो
ना खाले हो
ऊ जे लाभी लूभी दूभिया
लाभि लूभी दूभिया से ना खाले बछेरवा हो
मांगेला हो अंजानो असवरवा
जब हो अंजानो दुलहा घोरा अस्अवार भेल
अम्मा धैले हो
बबुआ घोरा के लगमिया
तुहुँ त जे जाइछ बबुआ लाढो के उ देसवा हो
देले जइह हो बबुआ दुधवा के गुनवा
जाले जीयब अम्मा ताले काँवर ढोयेबो हे
लाढो होयेतो हे
अम्मा तोहरो चेरीयवा
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अहे कौंने कियरिया में दौवना मड़ुअवा हे
कौंने कियरिया में धान
अहे कौने कियरिया में खरा भेल अंजानो दुलहा
घरिये घरीये चुए रूप
अहे अगला कियरिया में दवना मड़ुअवा हे
पिछला कियरीया में धान
अहे बिचला कियरीया में खरा भेल अंजानो दुलहा
घरिये घरिये चुए रूप
अहे किये तोरा अहो बबुआ सँचवा के ढेओरल
किये तोरा गढले सोनार
अहे नये मोरा अहे सासु सँचवा के ढेओरल
नये मोरा गढले सोनर
अहे माता कौसिल्या के कोखिया जनम लिहले
सुरति दिहले भगवान्
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नदिया किनारे नैया लागे रे
झमकि बुन्द बरसे
साला ससुर मौरिया भेजे रे
अजब लड़िया लागे
नदिया-------
साला ससुर जोरवा भेजे रे
अजब टैया लागे
साला ससुर चैनवा भेजे रे
अजब लौकेट लागे
साला ससुर जुतवा भेजे रे
अजब मोजवा लागे
नदिया किनारे—
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सात रे महलिया के एके रे दूअरिया
निकले अंजानो दुलहा पापा से चोरिया

पापा उनकर पूछेली बउआ हो दूलरुआ
के रे सम्हारत एहो सिर मौरिया

मलिया के ललमल अंजानो बहनोइया
ओहे रे सम्हारत एहो सीर मौरिया

सात रे------------------------

पापा उनकर-----------------
के रे सम्हारत एहो अंग जोरवा

दरजी के जलमल अंजानो बहनोइया
ओहे रे सम्हारत एहो अंग जोरवा

सात-------------------------

पापा---------------------------
के रे सम्हारत एहो पैर जूतवा

चमरा के जलमल अंजानो बहनोइया
ओहे रे सम्हारत एहो पैर जूतवा
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(किसी पागल ने कभी कोई पिण्ड किसी दरगाह से लाकर इस गाँव के बगीचे में रख दिया। तबसे लोगों ने इस पिण्ड की पूजा करना शुरू कर दिया। इसके बाद से कभी कोई शादी इस पिण्ड के आशिर्वाद के बगैर नहीं होता। इन्हे मियाँ बाबा के रूप में पूजा जाता है। इन्हीं के सम्मान में यह गीत गाया जाता है।)

लटी पटी पगिया मियाँ सबुजी कमैनियाँ
रैनी गजाधर साजिद अलबेला

तू मति भुलिहा मियाँ भुलिहा बेसरिया
रैनी गजाधर साजिद अलबेला

हाथ गुलेल मियाँ सबुजी कमैनिया
रैनी गजाधर साजिद अलबेला
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सासु ननदिया हे मियँमा रखौल मेरो नाम
की छोर हो बझिनिया मेरो नाम

रंगली रूमलवा हे मियँमा चढैबो दरगाह
कि छोर हो बझिनिया मेरो नाम

काली ओ खसिया हो मियमाँ चढैबो दरगाह
कि छोर--------

दुधा के पेयलिया हे -------
कि छोर--------

खैनिया तमकुला हे मि----------
कि छोर-------------------

____प्रस्तुति- नीतु सिंह्

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1 comment:

देवांशु वत्स said...

अच्छा गीत है भाभी...........