कोहबर गीत
घर पीछुवरवा लौंग के र गछिया
सखीइ हे, लौंग चुएला सारि रात 2
लौंग चुनीए चुनि भरली चंगेरिया
सखी हे, लौंग के चोलिया सिलाएब 2
सखी हे
कहाँ से मंगाएब झिलमील सरीया
सखी हे, कहाँ से मंगाएब अच्छा दरजी 2
सखी हे
पटना से मंगाएब झीलिमीलि सरिया
सखी हे, छपरा से मंगाएब अच्छा दरजी
सखी हे
अगल-बगल सीहे दरजी मोर रे मजुरवा
सखी हे, छतिया पर दीहे दुनो मोर 2
स्खी हे
चोलिया पहीरि हम सूतलि अंगनवा
सखी हे,जौरे भए राजाजी के बेटा 2
सखी हे जौरे -----
अगल घुस्कु बगल घुस्कु राजा जी के बेटा
सखी हे, रऊरे घम चुन्दरिया मैल होत 2
सखी हे
होवे दहू होवे दहू आजु के रे रतिया
सखी हे, भोरे उठी धोबिया घर धोवायब 2
सखी हे
राजा जी के बेटवा बरा रंगरसीया
सखी हे, चोलिया ममोरि रस लेत 2
सखी हे
धोवे के धोइहे धोबिया गंगा किनरवा
सखी हे, सुखइहे कदम्ब के छाँव 2
सखी हे
प्रस्तुति- नीतू सिंह्
