Tuesday, January 22, 2008

कोहबर गीत

घर पीछुवरवा लौंग के र गछिया

सखीइ हे, लौंग चुएला सारि रात 2

लौंग चुनीए चुनि भरली चंगेरिया

सखी हे, लौंग के चोलिया सिलाएब 2

सखी हे

कहाँ से मंगाएब झिलमील सरीया

सखी हे, कहाँ से मंगाएब अच्छा दरजी 2

सखी हे

पटना से मंगाएब झीलिमीलि सरिया

सखी हे, छपरा से मंगाएब अच्छा दरजी

सखी हे

अगल-बगल सीहे दरजी मोर रे मजुरवा

सखी हे, छतिया पर दीहे दुनो मोर 2

स्खी हे

चोलिया पहीरि हम सूतलि अंगनवा

सखी हे,जौरे भए राजाजी के बेटा 2

सखी हे जौरे -----

अगल घुस्कु बगल घुस्कु राजा जी के बेटा

सखी हे, रऊरे घम चुन्दरिया मैल होत 2

सखी हे

होवे दहू होवे दहू आजु के रे रतिया

सखी हे, भोरे उठी धोबिया घर धोवायब 2

सखी हे

राजा जी के बेटवा बरा रंगरसीया

सखी हे, चोलिया ममोरि रस लेत 2

सखी हे

धोवे के धोइहे धोबिया गंगा किनरवा

सखी हे, सुखइहे कदम्ब के छाँव 2

सखी हे

प्रस्तुति- नीतू सिंह्